ऑनलाइन बेटिंग पर CM बघेल का PM मोदी को लेटर

लिखा- अब तक हमने 450 से ज्यादा आरोपियों को पकड़ा: अब आपकी बारी

रायपुर – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ऑनलाइन बेटिंग के अवैध कारोबार से जुड़े प्लेटफॉर्म्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि प्रदेश में अलग-अलग केस दर्ज कर इसमें शामिल 450 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्र के 22 बेटिंग ऐप बंद करने के आदेश के करीब एक महीने के अंदर ही सीएम ने ऑनलाइन बेटिंग पर कंप्लीट बैन के लिए ये पत्र लिखा है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजनीति में महादेव ऐप विवाद बेहद सुर्खियों में रहा है। ED ने एक आरोपी असीम दास के हवाले से सीएम बघेल को लेकर दावा किया था, जिसे मुद्दा बनाते हुए बीजेपी खासकर पीएम मोदी पूरे चुनाव में आक्रामक रहे। यही वजह है कि सीएम भूपेश बघेल ने पत्र लिखकर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी और गेंद केंद्र के पाले में डाल दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीएम भूपेश बघेल ने लिखा पत्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीएम भूपेश बघेल ने लिखा पत्र।
क्या है भूपेश बघेल के पत्र में…

  1. मार्च 2022 से अब तक 90 से ज्यादा आपराधिक केस

छ्तीसगढ़ में अब तक ऑनलाइन बेटिंग ऐप के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी भी दी। उन्होंने लिखा कि मार्च 2022 से अब तक 90 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं। इनमें शामिल 450 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
बैंक खातों में जमा 16 करोड़ रुपए फ्रीज कराए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान कई लैपटॉप, मोबाइल भी जब्त हुए हैं। मास्टरमाइंड के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया गया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर कार्रवाई की है, जबकि बेटिंग का संचालन छत्तीसगढ़ से नहीं होता।
भूपेश बघेल ने पत्र में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने की मांग की है।
भूपेश बघेल ने पत्र में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने की मांग की है।

  1. ऑनलाइन गेमिंग को बैन करने पत्राचार भी किया

छत्तीसगढ़ पुलिस ने 80 ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म/URL/लिंक/APK को सस्पेंड करने के लिए इलेक्ट्रिॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार को पत्राचार भी किया है। गूगल से पत्राचार करके इस अवैध कारोबार में संलिप्त ‘महादेव ऐप’ को प्ले स्टोर से रिमूव करवाया गया है।
हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार ने महादेव बुक समेत 22 अवैध बेटिंग ऐप्स और वेबसाइट्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। खास बात ये है कि ये अवैध कारोबार कई अंतर्राष्ट्रीय/देशीय मोबाइल नम्बरों, मेल आईडी, टेलीग्राम, वॉट्सऐप, URL/लिंक/APK फाइल के जरिए भी संचालित होता है।

  1. ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म/URL/लिंक/APK पर बैन जरूरी

इस कारोबार में प्रयोग किये जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय/देशीय मोबाइल नंबरों, मेल आईडी, टेलीग्राम, वॉट्सऐप, URL/लिंक/APK, इंस्टग्राम को भी आईडेंटिफाई कर इन सभी को प्रतिबंधित करवाया जाए।
ऑनलाइन बेटिंग/जुआ/सट्टा कारोबार संचालित करने वाले लोगों की आपराधिक कार्यप्रणाली का विस्तार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो गया है। वो एडवांस तकनीकों और प्लेटफार्म्स का प्रयोग कर अपराध कर रहे हैं।

  1. अवैध कारोबार का ऑपरेटिंग सिस्टम डिकोड

अब तक हुई इन्वेस्टिगेशन में इन अवैध कारोबारियों का पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम जांच एजेंसियों के संज्ञान में आ चुका है। इसलिए हर स्तर पर इनके कारोबार को रोकने के लिये उपाय किये जाने की सख्त जरूरत है।
आरोपियों की ओर से इस्तेमाल हो रहे बैंक खातों का अवैध परिचालन तत्काल रोके जाने के लिए कदम उठाया जाना चाहिए जो केन्द्र के स्तर पर किया जाना संभव है।
ये जरूरी हो गया है कि केन्द्र सरकार अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस दिशा में कार्यवाही करे और इन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए, ताकि देश के करोड़ों लोगों को इस अवैध कारोबार के शिकंजे में फंसने से बचाया जा सके।
जानिए क्यों सुर्खियों में है ऑनलाइन बेटिंग ऐप का मुद्दा

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन बेटिंग ऐप का मुद्दा गरमाया है। चुनाव से ठीक पहले ED ने 2 नवंबर को कार्रवाई करते हुए भिलाई से असीमदास और कॉन्स्टेबल भीम सिंह यादव की गिरफ्तारी की थी। इनके पास से 5 करोड़ से ज्यादा की रकम जब्त हुई थी।
गिरफ्तारी के अगले दिन ED ने असीम दास के हवाले से दावा किया था कि सट्टा ऐप के प्रमोटर्स ने सीएम बघेल को 508 करोड़ रुपए दिए।
हालांकि हफ्ते भर पहले एक कथित वायरल लेटर में दावा किया गया कि असीम दास ने सीएम बघेल को 508 करोड़ रुपए नहीं दिए। लेटर में असीम ने दावा किया था कि शुभम सोनी ने उसे फंसाया है।