मप्र में बोरवेल में गिरा मासूम हारा जिंदगी की जंग

भोपाल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में स्थित ग्राम मांडवी में मंगलवार शाम बोरवेल में गिरा छह वर्षीय तन्मय जिंदगी की जंग हार गया। करीब 84 घंटे बाद उसका शव बाहर निकाला गया। तीन दिन और चार रात चले राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रेस्क्यू टीम ने 10 फीट लंबी सुरंग की खुदाई शुक्रवार रात करीब 2.00 बजे पूरी की। बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने इसकी पुष्टि की है।

कलेक्टर बैंस ने बताया कि सुरंग की खुदाई पूरी होने के बाद तन्मय को बोरवेल से बाहर निकालने का कार्य प्रारंभ किया गया। रेस्क्यू टीम ने शनिवार सुबह 5.30 बजे उसका शव बाहर निकाला। उसे कपड़े में लपेटकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।बैंस ने बताया कि बोर 400 फीट गहरा था। बच्चा करीब 39 फीट की गहराई में फंसा था। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के समानांतर 44 फीट गहरा गड्ढा खोदा। इसके बाद 9 फीट की हॉरिजेंटल सुरंग खोदी गई। जिला अस्पताल में पांच डॉक्टरों की टीम शव का पोस्टमार्टम कर रही है।

गौरतलब है कि मांडवी गांव निवासी सुनील साहू का छह वर्षीय बेटा तन्मय मंगलवार शाम करीब पांच बजे खेत में खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गया था। चट्टानों और पानी के रिसाव से बचाव दल को बच्चे के पास तक पहुंचने में चार दिन का वक्त लग गया। तन्मय को बचाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ के 61 जवान और अफसर चार दिन से मोर्चे पर डटे रहे, लेकिन उस तक पहुंचने में रेस्क्यू दल को 84 घंटे का समय लग गया और उसे बचाया नहीं जा सका।

गम में डूबे माता–पिता ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई है कि उन्हें बेटे का चेहरा तक नहीं दिखाया गया। इससे पहले शुक्रवार देर शाम को ही जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ग्राम मांडवी पहुंचे थे। उन्होंने भी माना कि बच्चे को निकालने में देरी हुई है। बचाव कार्य परिणाम मूलक नहीं रहा है। इसके लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बचाव कार्य में सामने आई कमियों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी अवगत करा दिया गया है। उन्होंने तन्मय के परिवार से मुलाकात भी की।

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