अभिभावकों ने नो स्कूल नो फीस को लेकर किया प्रदर्शन, कहा- सरकार हमारे साथ नहीं तो हम चुनाव में नहीं करेंगे वोटिंग

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  • उज्जैन में निजी स्कूल की शिक्षिका ने ऑनलाइन क्लास में छात्रों को स्कूल से निकलने की धमकी दी
  • टीचर ने ऑनलाइन क्लास में कहा- अगर फीस नहीं भरी तो नाम काट देंगे, परीक्षा में भी नहीं बैठने दें

निजी स्कूलों द्वारा स्कूल फीस के लिए बनाए जा रहे दबाव के बाद सोमवार को उज्जैन में भी अभिभावक सड़क पर उतर आए। टॉवर चौराहे पर बड़ी संख्या में अभिभावक इकट्ठा हुए और प्राइवेट स्कूलों पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। अभिभावकों की मांग थी कि जब स्कूल नहीं लग रहे हैं तो छात्रों से फीस क्यों ली जा रही है। ऑनलाइन क्लास लग रही है तो सिर्फ ट्यूशन फीस ली जाए, लेकिन स्कूल वाले सालभर लगने वाली पूरी फीस वसूल रहे हैं। गुस्साए अभिभावकों ने साफ कहा कि नो स्कूल, नो फीस। यदि सरकार हमारे साथ नहीं तो हम भी चुनाव में वोटिंग नहीं करेंगे।

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल ट्यूशन फीस के नाम पर मनमानी कर रहे हैं। अभिभावकों पर इसका आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कोरोना के कारण आर्थिक परेशानी झेल रहे अभिभावकों ने मध्य प्रदेश सरकार को भी चेतावनी दी कि वह इसको लेकर उनका साथ नहीं दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले चुनाव में वे वोटिंग का बहिष्कार करेंगे। दूसरी ओर, निजी स्कूल की एक टीचर का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह बच्चों को धमकाते हुए कह रही हैं कि अगर फीस नहीं भरी तो तुम्हारा नाम कट जाएगा और वाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर दिया जाएगा।

महिला अभिभावक ने कहा कि जब बच्चे स्कूल ही नहीं जा रहे हैं तो फिर फीस किसी बात की वसूली जा रही है। फीस कम करवाने स्कूल गए तो उन्होंने साफ कह दिया कि फीस तो कम नहीं होगी। ऑनलाइन में बच्चा तो पढ़ाई कर ही नहीं पा रहा है। ट्यूशन फीस ही ये 3 हजार रुपए महीना ले रहे हैं। यदि स्कूल फीस माफ नहीं हुई तो मजबूरी में हमें बच्चों को स्कूल से निकालना पड़ेगा।

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