मध्यप्रदेश में पुलिस भर्ती का तीन साल से उम्मीदवार इंतजार कर रहे हैं, चौथे साल भी भर्ती का कोई पता नहीं

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ओवरएज हो चुके उम्मीदवार बोले- मप्र में भी बिहार की तरह निर्णय लिया जाए, अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष हो, आयु सीमा नहीं बढ़ी तो दो लाख युवाओं को नुकसान

मध्यप्रदेश में पुलिस भर्ती का तीन साल से उम्मीदवार इंतजार कर रहे हैं। अब चौथा वर्ष शुरू हो गया है, लेकिन भर्ती का कोई पता नहीं है। भर्ती की तैयारी में लाखों युवा ओवरएज हो चुके हैं। ऐसे में अब वे वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष करने अाैर जल्द से जल्द भर्ती निकालने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश सरकार को भी बिहार की तरह निर्णय लेकर प्रदेश के युवाओं को राहत देनी चाहिए।

आयु सीमा 37 वर्ष रखी जाए, जिससे ऐसे युवा परीक्षा में शामिल हो सकें, जो समय पर भर्ती नहीं निकलने के कारण ओवरएज हाे चुके हैं। उम्मीदवार सतेंद्र कुमार का कहना है कि भर्ती समय पर नहीं निकलने में प्रदेश के युवाओं का दोष नहीं है, इसलिए अधिकतम आयु बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यदि उम्र नहीं बढ़ती है तो 2 लाख से अधिक ऐसे उम्मीदवार आने वाली भर्ती में शामिल नहीं हो पाएंगे, जो बीते सालों से पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। उनका कहना है कि वे हाल ही में निकली जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। जेल प्रहरी के लिए अधिकतम आयु 33 वर्ष तय है।

इसलिए बिहार सरकार ने की 37 वर्ष आयु
एक अन्य उम्मीदवार राम बेग शर्मा ने बताया कि बिहार में सब इंस्पेक्टर की भर्ती लंबे समय से नहीं हुई थी, इसलिए वहां के उम्मीदवारों ने आयु बढ़ाने की मांग की तो बिहार सरकार ने अपने मूल निवासियों के हित में निर्णय लिया और वर्ष 2016-17 में एसआई भर्ती के लिए अधिकतम उम्र 37 वर्ष कर दी। यह अभी भी वहां बरकरार है।

अब कोरोना का बहाना बनाकर अटका रहे हैं भर्ती…

उम्मीदवारों का कहना है कि मप्र सरकार कोरोना का बहाना बनाकर भर्ती अटका रही है। वहीं, विभिन्न राज्य लगातार भर्ती निकाल रहे हैं। दिल्ली सरकार के बाद बिहार सरकार ने भी पुलिस भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। इसमें सब इंस्पेक्टर पद पर भर्ती के लिए 1998 पद निकाले हैं। इसके अलावा सार्जेंट के 215 पद हैं। इसमें बिहार राज्य के 37 वर्ष की आयु वाले उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं।

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