राजस्थान सियासत में नया मोड़, अब भाजपा ने शुरू की विधायकों की बाड़ाबंदी

जालौर, सिरोही और उदयपुर संभाग के करीब 12 विधायकों को अहमदाबाद के रिसॉर्ट में शिफ्ट किया गया, माना जा रहा 12 अगस्त से यह बाड़ेबंदी शुरू होगी, 11 अगस्त से होटल वगैरह तय करने का प्लान।

राजस्थान के सियासी रण में नया टर्न आया है। कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी अपने विधायकों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। जालौर, सिरोही और उदयपुर संभाग के करीब 12 विधायकों को अहमदाबाद के रिसॉर्ट में शिफ्ट किया गया है। 6 और विधायक जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि ये भी चार्टड फ्लाइट से गुजरात भेजे जा रहे हैं।

ये विधायक जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे

अशोक लाहोटी, निर्मल कुमावत, गोपीचंद मीणा, जबर सिंह सांखला, गुरदीप शापिनि, धर्मेंद्र कुमार मोची, गोपाल लाल शर्मा जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इनकी अगुआई अशोक लाहोटी कर रहे हैं।

जयपुर एयरपोर्ट पर विधायक गुरदीप शापिनी (बाएं) धर्मेंद्र कुमार मोची (दाएं)।

12 तारीख से होगी बाड़ेबंदी

बताया जा रहा है कि बाकी विधायकों की बाड़ेबंदी जयपुर में करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि 12 अगस्त से यह बाड़ेबंदी शुरू होगी। 11 अगस्त से होटल वगैरह तय करने का प्लान है। हालांकि, भाजपा इन दावों को खारिज कर रही है।

फोटो 5 अगस्त की है, जब अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के मौके पर सभी भाजपा नेता जयपुर में प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे।

हाईकोर्ट के फैसले के कारण भाजपा अलर्ट

पार्टी सूत्रों के अनुसार, 11 अगस्त को बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आने के आसार हैं। ऐसे में भाजपा भी अलर्ट मोड पर है। इसके तहत आलाकमान के निर्देश पर करीब 12 विधायकों को गुजरात शिफ्ट किया गया है। अलग-अलग जिलों में नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

12 अगस्त से सभी को जयपुर बुलाने की चर्चा
बाकी विधायकों की भी 14 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से 2-3 दिन पहले ट्रेनिंग के नाम पर बाड़ेबंदी करने की सूचना है। गुजरात गए विधायक भी जयपुर में शिफ्ट होंगे। यहां विधायकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उधर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में हुई मुलाकात को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। ओम माथुर भी लगातार जयपुर के दौरे कर रहे हैं।

पार्टी आलाकमान ने ही बुलाया था
प्रदेश में चल रहे सियासी संकट के बीच पार्टी आलाकमान ने ही वसुंधरा राजे को दिल्ली बुलाया था, ताकि प्रदेश में किसी भी काम को पूरा कराने में उनका सहयोग मिलता रहे। केंद्र राजे को प्रदेश में सक्रिय देखना चाहता है। वसुंधरा राजे एक-दो दिन में जयपुर लौट सकती हैं।

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